विकास सूचकांकों की शत-प्रतिशत संतृप्ति से होगा सामाजिक परिवर्तन : उपायुक्त
पाकुड़।आकांक्षी जिला कार्यक्रम एवं आकांक्षी प्रखंड कार्यक्रम के अंतर्गत संपूर्णता अभियान 2.0 के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर सोमवार को कृषि उत्पादन बाजार समिति परिसर में जिला एवं प्रखंड स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स का प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ किया गया।
इस अवसर पर उपायुक्त श्री मनीष कुमार ने कहा कि संपूर्णता अभियान केवल विकास सूचकांकों की पूर्ति का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह सामाजिक परिवर्तन का एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा निर्धारित सभी विकास सूचकांक आम जनजीवन में वास्तविक बदलाव लाने के उद्देश्य से बनाए गए हैं और इनकी शत-प्रतिशत संतृप्ति सुनिश्चित करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
उपायुक्त ने कहा कि यह अभियान निर्धारित अवधि तक संचालित किया जाएगा, जिसका उद्देश्य चयनित विकास सूचकांकों में पूर्ण उपलब्धि हासिल करना है। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय एवं टीम भावना के साथ कार्य करने का निर्देश देते हुए कहा कि केवल एमआईएस पोर्टल पर आंकड़ों की प्रविष्टि पर्याप्त नहीं है, बल्कि योजनाओं का वास्तविक लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि शौचालय निर्माण का उद्देश्य केवल संरचना खड़ी करना नहीं, बल्कि उसके नियमित उपयोग की आदत विकसित करना भी है। व्यवहार परिवर्तन इस अभियान की सफलता की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है।
उपायुक्त ने सभी पदाधिकारियों एवं कर्मियों से समुदाय की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने तथा व्यापक जनजागरूकता गतिविधियां संचालित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त जानकारी को जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करना आवश्यक है। विशेष रूप से बच्चों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य और पोषण से जुड़े सूचकांकों पर गंभीरता से कार्य करने की आवश्यकता है।
प्रखंड विकास पदाधिकारी, लिट्टीपाड़ा श्री संजय कुमार ने कहा कि आकांक्षी प्रखंड कार्यक्रम के तहत स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा, कृषि, सामाजिक विकास एवं आधारभूत संरचना से संबंधित लगभग 40 विकास सूचकांकों पर विभागीय समन्वय के साथ निरंतर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि बीते दो वर्षों में विभिन्न विभागों के साथ कन्वर्जेन्स के माध्यम से प्रशिक्षण, मॉनिटरिंग एवं सतत प्रयास किए गए हैं, जिससे उल्लेखनीय प्रगति हासिल हुई है।
उन्होंने बताया कि पूर्व अभियान के दौरान कई सूचकांकों में शत-प्रतिशत संतृप्ति प्राप्त की गई है तथा नए सूचकांकों के आधार पर आगामी चरण में भी लक्ष्य प्राप्ति हेतु कार्य किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सभी सूचकांकों की रैंकिंग संबंधित विभागों के एमआईएस पोर्टल पर उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर होती है, इसलिए शुद्ध एवं अद्यतन डाटा प्रविष्टि अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि तीन माह तक चलने वाले इस विशेष अभियान के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों में आधारभूत सुविधाएं सुदृढ़ की जा रही हैं तथा स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए वाटर फिल्टर की व्यवस्था की जा रही है।
जिला समाज कल्याण पदाधिकारी श्रीमती बसंती ग्लाडिस बाड़ा ने कहा कि कुपोषण उन्मूलन के लिए संतुलित एवं पौष्टिक आहार अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने विविध रंगों वाले खाद्य पदार्थों के सेवन पर बल देते हुए कहा कि इससे शरीर को आवश्यक पोषक तत्व प्राप्त होते हैं। उन्होंने महिलाओं एवं बच्चों में पोषण जागरूकता बढ़ाने, स्वच्छ पेयजल, साफ-सफाई एवं डायरिया प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों में शौचालय एवं पेयजल की व्यवस्था सुदृढ़ की जा रही है तथा बच्चों के नियमित वजन मापन एवं पोषण ट्रैकिंग को मजबूत करने के लिए सेविकाओं को पुनः प्रशिक्षण दिया जाएगा।
मौके पर जिला योजना पदाधिकारी, जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी, जिला यक्ष्मा पदाधिकारी, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, सभी एमओआईसी सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।