
संवाददाता, मेदिनीनगर,
भारतीय कम्यूनिस्ट पार्टी (भाकपा) का राज्य सम्मेलन रांची में झंडोत्तोलन के साथ शुरू हुआ। सम्मेलन का उद्घाटन राज्य पर्यवेक्षक नागेंद्र नाथ ओझा, राज्य सचिव महेंद्र पाठक तथा झारखंड प्रभारी रामकृष्ण पांडा ने किया। वहीं वरिष्ठ कम्युनिस्ट नेता भुवनेश्वर प्रसाद मेहता ने पार्टी का झंडोत्तोलन किया।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए भाकपा जिला सचिव सह डालटनगंज विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी रूचिर कुमार तिवारी ने कहा कि केंद्र सरकार हो या राज्य सरकार, दोनों ही रोजगार देने में पूरी तरह विफल रही हैं। झारखंड में अब तक हेमंत सरकार की कोई भी बहाली बिना विवाद के नहीं हुई। शिक्षक बहाली इसका ताज़ा उदाहरण है, जिसे स्थगित कर दिया गया।
उन्होंने कहा कि सरकारी विभागों में प्रत्यक्ष बहाली के बजाय कंपनियों के माध्यम से कांट्रैक्ट पर नियुक्ति की जा रही है। अस्पतालों, विश्वविद्यालयों, बिजली विभाग और अन्य क्षेत्रों में ऐसे ही बहालियां हो रही हैं। इससे भी बड़ी समस्या यह है कि कांट्रैक्ट कर्मियों को महीनों तक वेतन नहीं दिया जाता, जिससे नौजवानों का शोषण हो रहा है।
रूचिर तिवारी ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि गैरमजरूआ जमीन के मुद्दे पर वर्तमान सरकार रघुवर दास की भाषा बोल रही है। भ्रष्टाचार राज्य में चरम पर है, लेकिन उस पर लगाम लगाने के बजाय पूजा सिंघल और छवि रंजन जैसे अफसरों को संरक्षण दिया जा रहा है। ऐसी स्थिति में झारखंड में एक सशक्त कम्युनिस्ट आंदोलन की आवश्यकता है।
सम्मेलन में वरिष्ठ कम्युनिस्ट नेता सूर्यपत सिंह, जितेंद्र सिंह, सुरेश ठाकुर, चंद्रशेखर तिवारी, उमेश सिंह चेरो, करीमन पासवान, राजेंद्र बेटा, गिरजा राम, जनेश्वर राम, हरी राम, लखन राम, बिनोद भुइंया समेत सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद थे।