
- लातेहार जिला मुख्यालय में सैकड़ों कार्यकर्ताओं संग पुतला दहन, केंद्र सरकार पर तानाशाही का आरोप
लातेहार, 24 अगस्त (रविवार):
झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने रविवार को लातेहार जिला मुख्यालय में केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। झामुमो नेताओं और कार्यकर्ताओं ने संसद में पारित 130वें संवैधानिक संशोधन विधेयक को लोकतंत्र विरोधी करार देते हुए समाहरणालय के समक्ष केंद्र सरकार का पुतला दहन किया। इस दौरान नेताओं ने कहा कि केंद्र सरकार जनता की चुनी हुई सरकारों को बर्खास्त कर लोकतंत्र की जड़ों को कमजोर करने की साजिश कर रही है।
सैकड़ों कार्यकर्ताओं की भागीदारी
इस विरोध प्रदर्शन में जिलाध्यक्ष लाल मोती नाथ साहदेव और झामुमो के केंद्रीय उपाध्यक्ष सह पूर्व शिक्षा मंत्री बैद्यनाथ राम के नेतृत्व में सैकड़ों की संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए। इस दौरान जिला बीस सूत्री उपाध्यक्ष अरुण कुमार दुबे, जिला सचिव बुद्धेश्वर उरांव, केंद्रीय सदस्य ममता देवी, जिला प्रवक्ता सुशील यादव, अल्पसंख्यक मोर्चा जिलाध्यक्ष इनायत करीम, उपाध्यक्ष अहद खान, नौसाद अंसारी, झामुमो नेता जुनैद अनवर, साजिद खान, बौदेव यादव, युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष रंजीत उरांव, चंदवा प्रखंड अध्यक्ष मनोज चौधरी, लातेहार प्रखंड अध्यक्ष आर्सेन तिर्की, बरवाड़ी प्रखंड अध्यक्ष शशिभूषण तिवारी, रसीद खान, साबिर अंसारी, मोहम्मद सनाउल्लाह, सुरेश उरांव, सतेंद्र यादव, बबलू राही, केसवर सिंह, रॉबेन उरांव, रामभजन सिंह, सुरेश गांझू और मासूम खान समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की और केंद्र सरकार के खिलाफ आक्रोश जताया।
‘लोकतंत्र को कुचलने की साजिश’
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए झामुमो के केंद्रीय उपाध्यक्ष सह पूर्व शिक्षा एवं मद्य निषेध मंत्री रहे बैद्यनाथ राम ने कहा कि यह विधेयक लोकतंत्र को कमजोर करने वाला है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार जनता की आवाज को दबाने और राज्यों की चुनी हुई सरकारों को अस्थिर करने की कोशिश कर रही है।
वहीं जिलाध्यक्ष लाल मोती नाथ साहदेव ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इस बिल को लाने के पीछे भाजपा की मंशा तानाशाही स्थापित करना है। उन्होंने कहा, “भारतीय जनता पार्टी ने 130वें संवैधानिक संशोधन के रूप में ऐसा प्रावधान लाया है कि अगर प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या मंत्री 30 दिन की हिरासत में रहते हैं तो उन्हें अपने पद से हटना पड़ेगा। यह सीधा लोकतंत्र पर हमला है। जनता की चुनी हुई सरकारों को खत्म कर देश में तानाशाही थोपने की साजिश की जा रही है।”
आंबेडकर और संविधान का हवाला
साहदेव ने आगे कहा कि भाजपा यह दिखाना चाहती है कि उनकी सोच संविधान निर्माताओं से भी ऊंची है। उन्होंने कहा कि “हमारे बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर ने जो संविधान लिखा है, उसकी गाथा विदेशों में भी गाई जाती है। उस संविधान को दरकिनार कर यह सरकार एक ऐसा कानून लाना चाहती है, जो जनता के मौलिक और राजनीतिक अधिकारों का हनन करता है। यह काला कानून है। यह दिखाता है कि भाजपा अपने को संविधान से भी बड़ा मानने का भ्रम पाल चुकी है।”

आंदोलन को तेज करने का संकल्प
झामुमो नेताओं ने कहा कि इस बिल से लोकतंत्र की आत्मा को चोट पहुंचेगी। क्योंकि राजनीति में आने का रास्ता आंदोलन और जनसंघर्षों से होकर जाता है। कई बार नेता जनता के हक की लड़ाई लड़ते हुए मुकदमों में फंसते हैं और जेल भी जाते हैं। ऐसे में यह बिल उन नेताओं को प्रतिनिधित्व से वंचित कर देगा, जो समाज और देश के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
नेताओं ने लोकतंत्र की रक्षा के लिए आंदोलन को आगे और तेज करने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई संवैधानिक तरीकों से लड़ी जाएगी और जनता को इसके खिलाफ जागरूक किया जाएगा।
कार्यक्रम में मौजूद प्रमुख चेहरे
प्रदर्शन में झामुमो के केंद्रीय उपाध्यक्ष सह पूर्व शिक्षा मंत्री बैद्यनाथ राम, जिलाध्यक्ष लाल मोती नाथ साहदेव, जिला बीस सूत्री उपाध्यक्ष अरुण कुमार दुबे, जिला सचिव बुद्धेश्वर उरांव, जिला प्रवक्ता सुशील यादव, केंद्रीय सदस्य ममता सिंह, जिला कोषाध्यक्ष मनोज यादव, महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष रीना देवी, अहद खान, पूजा कुमारी, आरती देवी, संजय कुमार यादव, इनायत करीम, अंकित पाण्डेय, दीपक कुमार, राजेश यादव, भोला यादव, राजेंद्र भोगता, मनोज चौधरी, अनिल यादव, नागेंद्र यादव, सतन यादव, पप्पू यादव और अहसान अंसारी समेत हजारों कार्यकर्ता मौजूद रहे।