लातेहार। जिले में शुक्रवार को समाहरणालय सभागार में नई उत्पाद नियमावली (2025) के तहत खुदरा उत्पाद दुकानों की बंदोबस्ती की गई। यह बंदोबस्ती ई-लॉटरी प्रणाली से पूरी तरह पारदर्शी तरीके से सम्पन्न हुई। जिले की कुल 23 खुदरा उत्पाद दुकानों को 10 अलग-अलग ग्रुपों में विभाजित कर लॉटरी निकाली गई। इस प्रक्रिया की जानकारी उत्पाद अधीक्षक रंजन तिवारी ने दी।
ई-लॉटरी से हुई पारदर्शी बंदोबस्ती
अधीक्षक ने बताया कि इस बार खुदरा दुकानों की बंदोबस्ती में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए ई-लॉटरी प्रणाली अपनाई गई। उन्होंने कहा कि जिन दुकानों पर सबसे अधिक आवेदन आए थे, उनकी लॉटरी सबसे पहले डेमो के रूप में करायी गई, ताकि सभी उपस्थित आवेदक इस प्रक्रिया को नजदीक से देख सकें। इससे आवेदकों को भरोसा हुआ कि बंदोबस्ती निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से हो रही है।
सरकार को मिला 50 लाख से अधिक का राजस्व
बंदोबस्ती प्रक्रिया के दौरान आवेदन शुल्क के रूप में सरकार को कुल 50 लाख 2 हजार 20 रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। यह राशि जिले में शराब दुकानों की बंदोबस्ती से प्राप्त प्रारंभिक राजस्व है। अधीक्षक रंजन तिवारी ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए कुल 42 करोड़ रुपये का लक्ष्य न्यूनतम गारंटीड राजस्व (एमजीआर) के रूप में तय किया गया है। इसमें से सितंबर 2025 से मार्च 2026 तक शेष वित्तीय वर्ष की अवधि में 25 करोड़ रुपये की राजस्व प्राप्ति का अनुमान है।
बंदोबस्ती में चयनित आवेदक
लॉटरी प्रक्रिया में चयनित आवेदकों की सूची 10 ग्रुपों के आधार पर इस प्रकार रही –
- ग्रुप-1: सुरेश सिंह, अंकेश कुमार गुप्ता, श्याम लाल प्रसाद
- ग्रुप-2: अशोक कुमार जायसवाल, संदीप प्रसाद, सुमित सौरभ
- ग्रुप-3: लक्ष्मी प्रसाद, अमरदीप कुमार, सुनील कुमार
- ग्रुप-4: राजू कुमार अग्रवाल, अरविंद कुमार, सौरभ जायसवाल
- ग्रुप-5: रिशिपाल सिंह, नीतिन कुमार साहू, राहुल सिंह
- ग्रुप-6: अविनाश कुमार, वीरेंद्र कुमार तिवारी, शिवम कुमार
- ग्रुप-7: मनोज कुमार गुप्ता, सबिता कुमारी, राजकुमार
- ग्रुप-8: ऋषभ साकेत, जीतेंद्र कुमार, राहुल प्रसाद
- ग्रुप-9: पप्पू कुमार यादव, मंटू पाल, राजेश प्रसाद गुप्ता
- ग्रुप-10: मानिक चंद यादव, विनय कुमार, धीरज प्रसाद
राजस्व संग्रह में बड़ी भूमिका
उत्पाद विभाग के अधिकारियों का कहना है कि शराब की खुदरा दुकानों की बंदोबस्ती राज्य सरकार के लिए एक बड़ा राजस्व स्रोत है। नई नियमावली 2025 के तहत ई-लॉटरी प्रणाली लागू होने से अब बिचौलियों और मनमानी पर रोक लगी है। इससे न केवल सरकारी खजाने को फायदा होगा, बल्कि आम जनता का भरोसा भी बढ़ेगा।
आवेदकों में उत्साह और पारदर्शिता पर संतोष
लॉटरी प्रक्रिया के दौरान सभागार में बड़ी संख्या में आवेदक और आमजन मौजूद रहे। ई-लॉटरी के जरिए हुई इस बंदोबस्ती को लेकर आवेदकों ने संतोष जताया। उनका कहना था कि इससे अब किसी भी तरह की मनमानी या पक्षपात की संभावना खत्म हो गई है।
उत्पाद अधीक्षक की अपील
अधीक्षक रंजन तिवारी ने बताया कि चयनित सभी आवेदकों को समय पर दुकान संचालन की जिम्मेदारी लेनी होगी और नियमावली का पालन करना अनिवार्य होगा। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा तय राजस्व लक्ष्य को पूरा करना सभी की प्राथमिक जिम्मेदारी होगी। साथ ही उन्होंने आवेदकों से अपेक्षा की कि वे शराब दुकानों के संचालन में सामाजिक उत्तरदायित्व का भी ध्यान रखें।