बरहड़वा।
बरहरवा प्रखंड सभागार में शुक्रवार से अनुसूचित क्षेत्र की ग्राम सभा के अधिकार एवं जिम्मेदारी विषय पर दो दिवसीय प्रखंड स्तरीय कार्यशाला की शुरुआत हुई। इस कार्यशाला में लगभग 100 पंचायत प्रतिनिधि एवं ग्राम प्रधान शामिल हुए।
दीप प्रज्वलित कर हुआ शुभारंभ
कार्यशाला का उद्घाटन बीडीओ सन्नी कुमार दास, प्रखंड प्रमुख सुशीला हांसदा एवं उपप्रमुख अब्दुल कादिर ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। उद्घाटन के बाद उपस्थित प्रतिनिधियों को ग्राम सभा की महत्ता और उसके अधिकारों से संबंधित जानकारी दी गई।
मास्टर ट्रेनर ने दी महत्वपूर्ण जानकारी
कार्यशाला के पहले दिन जिला स्तरीय मास्टर ट्रेनर प्रभात कुमार ने प्रतिनिधियों को प्रशिक्षण दिया। उन्होंने कहा कि अनुसूचित क्षेत्रों में ग्राम सभा को विशेष अधिकार प्राप्त हैं और यदि पंचायत प्रतिनिधि इन अधिकारों को सही तरह से समझकर काम करें, तो जनजातीय समुदायों को सशक्त बनाया जा सकता है।
पेसा कानून पर रहा फोकस
कार्यशाला में विशेष रूप से पेसा कानून (PESA Act) के प्रावधानों पर चर्चा की गई। प्रशिक्षण के दौरान ग्राम सभा के अधिकार, भूमि अधिग्रहण से जुड़े नियम, खनिज एवं जल संसाधनों पर स्थानीय नियंत्रण और जनजातीय परंपराओं के संरक्षण पर विस्तार से जानकारी दी गई।
प्रतिनिधियों को बताया गया कि पेसा कानून का सही क्रियान्वयन ग्राम सभाओं को वास्तविक स्वशासन का अधिकार देता है और यह जनजातीय समाज को आत्मनिर्भर बनाने में मददगार है।
आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम
मास्टर ट्रेनर ने कहा कि ऐसी कार्यशालाएँ न सिर्फ पंचायत प्रतिनिधियों को जागरूक करती हैं बल्कि उन्हें अपने अधिकारों के प्रति सजग बनाती हैं। इसके जरिए ग्राम सभा अपने विकास की राह खुद तय कर सकती है और बाहरी हस्तक्षेप कम होगा।
कई प्रतिनिधि रहे मौजूद
इस अवसर पर कोटालपोखर पंचायत समिति सदस्य रणजीत कुमार साहा, प्रखंड प्रोग्राम पदाधिकारी शुभम कुमार, काकजोल मुखिया मो. इस्तियाक, कोटालपोखर मुखिया सेराफिना, संतोष कुमार रजक सहित कई पंचायत प्रतिनिधि और विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।