झारखंड सरकार द्वारा संचालित मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के तहत राज्य की महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। हाल ही में, योजना की 2500 रुपये की दूसरी किस्त को लेकर राज्यभर में भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो गई है। दिसंबर माह की राशि लाभार्थियों को मिल चुकी है, लेकिन जनवरी माह की राशि का लगभग 59 लाख महिलाएं इंतजार कर रही हैं। इस बीच, विपक्ष ने सरकार पर लगातार हमले तेज कर दिए हैं, जिससे सरकार पर दबाव बढ़ रहा है।
जनवरी माह की राशि का वितरण:
विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, जनवरी 2025 की किस्त का भुगतान 20 से 25 जनवरी 2025 के बीच किया जाएगा। जिन लाभार्थियों को दिसंबर माह की राशि नहीं मिली थी, उन्हें जनवरी में दोनों माह की राशि एक साथ, यानी कुल 5000 रुपये, प्रदान की जाएगी। यह राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी।
विपक्ष का आरोप:
विपक्षी दलों ने सरकार पर योजना के क्रियान्वयन में देरी और पारदर्शिता की कमी का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि सरकार महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के अपने वादों को पूरा करने में विफल रही है। इसके अलावा, योजना के पोर्टल में तकनीकी खामियों के कारण भी भुगतान में देरी हुई है, जिससे लाभार्थियों को समय पर राशि नहीं मिल पा रही है।
सरकार की प्रतिक्रिया:
सरकार ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि योजना के तहत सभी लाभार्थियों को समय पर राशि प्रदान की जा रही है। तकनीकी खामियों को दूर करने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए हैं, और अब भुगतान प्रक्रिया सुचारू रूप से चल रही है। महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग के अनुसार, सभी जिलों में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं, और लाभार्थियों के बैंक खातों में राशि ट्रांसफर की जा रही है।
लाभार्थियों के लिए निर्देश:
लाभार्थियों को सलाह दी जाती है कि वे अपने बैंक खातों की नियमित जांच करते रहें। यदि किसी लाभार्थी को राशि प्राप्त नहीं होती है, तो वे संबंधित जिला प्रशासन या महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग से संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा, योजना के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर भी भुगतान की स्थिति की जांच की जा सकती है।
मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के तहत राज्य की महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान करने का उद्देश्य उनके जीवन स्तर में सुधार लाना है। सरकार और प्रशासन इस दिशा में निरंतर प्रयासरत हैं, ताकि सभी लाभार्थियों को समय पर और पारदर्शी तरीके से सहायता मिल सके।