- सेवानिवृत्त हो चुके हैं एएसओ राणा उमेश सिंह,हजारीबाग में भी है इनके विरुद्ध मामला दर्ज।
- जिला बंदोबस्त कार्यालय दुमका में ब्याप्त भ्रष्टाचार और अनियमितता पर नहीं लग रहा है अंकुश।
एएसओ ने आदिवासी की जमीन हस्तांतरित कर दी गैर आदिवासी के नाम।
दुमका
जिला बंदोबस्त कार्यालय दुमका में ब्याप्त भ्रष्टाचार और अनियमितताएं रुकने के बजाय बढ़ती जा रही है|तात्कालीन सहायक बन्दोबस्त पदाधिकारी राणा उमेश कुमार सिंह द्वारा सर्वे अधिसूचना एवं सर्वे नियम का उल्लंघन कर टीएल केश के विरुद्ध आदेश पारित कर खाता खोल दिया गया।जबकि टीएल केश में आदेश पारित करने की शक्ति सहायक बन्दोबस्त पदाधिकारी को नहीं है|श्री सिंह द्वारा बंदोबस्त पदाधिकारी के शक्ति का दुरुपयोग करते हुए आपत्ति वाद संख्या 10171/2017 में आदेश पारित कर आदिवासी की जमीन को गैर आदिवासी के नाम पर हस्तांतरण कर पर्चा भी दे दिया।मूल रैयत ने इसकी शिकायत आयुक्त संथाल परगना प्रमंडल दुमका को की थी।जिसको लेकर तात्कालीन आयुक्त ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच का आदेश देते हुए जांच रिपोर्ट मांगी थी।लेकिन श्री सिंह ने बंदोबस्त कर्मियों की मिलीभगत से उक्त पत्र को ही दबा दिया जो आजतक लंबित है।बताते चलें कि राणा उमेश सिंह सेवानिवृत हो चुके हैं,लेकिन सेवानिवृत्ति के बाद भी इस गोरखधंधे में शामिल हैं।बहरहाल उक्त पदाधिकारी तो सेवानिवृत हो गये लेकिन रैयत आज भी न्याय के लिए दर दर की ठोकरें खा रहा है,उसे कब न्याय मिलेगा इसका कोई जबाव किसी के पास नहीं है।बताते चलें कि उक्त सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी काफी चर्चित रहे हैं,उनके विरुद्ध हजारीबाग में भी प्राथमिकी दर्ज है।मामले में बंदोबस्त पदाधिकारी से मिलने का प्रयास विफल रहा।बताते चलें कि मामले में पीजी पोर्टल में भी शिकायत की गई थी।आवेदनकर्ता को अपर समाहर्ता दुमका द्वारा पत्र भेजकर जानकारी दी गई कि उक्त मामले में बंदोबस्त पदाधिकारी ने जांच कमिटी का गठन किया है, जांचोपरांत आपको जानकारी उपलब्ध करायी जाएगी।बताते चलें कि इस बात को तकरीबन एक साल हो गए, लेकिन कोई जानकारी नहीं दी गई।आवेदनकर्ता ने बताया कि वे झारखण्ड के राज्यपाल, मुख्य सचिव एवं विभागीय सचिव को सारे मामले की जानकारी देकर न्याय की मांग करेंगे।