नावा बाजार (पलामू):- नावा बाजार प्रखंड मुख्यालय स्थित श्री संकट मोचन सिद्धि धाम महावीर मंदिर परिसर में शारदीय नवरात्र के चौथे दिन मां दुर्गा के चौथे स्वरूप कूष्मांडा की श्रद्धालुओं ने वेद मंत्र उच्चारण के साथ पूजा अर्चना की ।श्रद्धालुओं ने पूजा के दौरान मां जगदंबा के भक्ति वातावरण में गीत संगीत गाया गया।मौके पर आचार्य ने श्रद्धालुओं को मां कुष्मांडा की पूजा अर्चना के विधि रूपी पूजा करने से उनके प्रतिफल का अर्थ बताते हुए कहा कि अपनी मंद और हल्की -सी मुस्कान मात्र से अंड( ब्रह्मांड )को उत्पन्न करने वाली होने के कारण इन्हें कूष्माण्डा कहा गया है।गोलाकार कद्दू के रूप में देवी मानव शरीर में प्राणशक्ति रूप में स्थित है ।आठ भुजाओं के कारण ये अष्टभुजा कही गई ।इनके सात हाथों में विभिन्न प्रकार के अस्त्र-शस्त्र यानी कमंडल ,धनुष, बाण, कमल का फूल, अमृत कलश, चक्र तथा गदा है ।आठवें हाथ में सर्वसिद्धि और सर्वनिधि देने वाली जप माला है।देवी का सुरम्य दर्शन अभीष्ट फल प्रदायक है ।ये ब्रह्मांड की स्वाभिमानी व त्रिलोक की रक्षिका है ।किसी भी दैविक या दैहिक का शीघ्र निवारण करती है। इनके दर्शन से भक्ति व मुक्ति सहजता से प्राप्त होती है। रोग -शोक का नाश करती है। मालपुआ के भोग इन्हें प्रिय है ।इसे अर्पित कर दान करने से बुद्धि का विकास और निर्णय क्षमता बढ़ती है।आचार्य एवं यजमानों द्वारा आरती संग्रह कर पूजा को समापन की गई।