बरहरवा।सुरक्षित इंटरनेट दिवस के अवसर पर मंगलवार को समाहरणालय सभागार में जिला प्रशासन के तत्वावधान में एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों, विशेषकर युवाओं एवं सरकारी कर्मियों को सुरक्षित, जिम्मेदार एवं विवेकपूर्ण इंटरनेट उपयोग के प्रति जागरूक करना था, ताकि डिजिटल माध्यमों का सकारात्मक और सुरक्षित उपयोग सुनिश्चित किया जा सके।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से अपर समाहर्ता गौतम कुमार भगत एवं जिला सूचना एवं विज्ञान पदाधिकारी उमेश कुमार उपस्थित रहे। अपर समाहर्ता गौतम कुमार भगत ने उपस्थित प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज का युग डिजिटल युग है, जिसमें इंटरनेट ने सूचना, शिक्षा, संचार एवं सेवाओं को अत्यंत सरल बना दिया है। लेकिन इसके साथ ही साइबर अपराध, ऑनलाइन ठगी, फर्जी सूचनाएं, डेटा चोरी एवं सोशल मीडिया के दुरुपयोग जैसी चुनौतियां भी तेजी से बढ़ी हैं। ऐसे में सुरक्षित इंटरनेट उपयोग को लेकर जागरूकता अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपनी व्यक्तिगत जानकारी जैसे आधार संख्या, बैंक विवरण, ओटीपी, पासवर्ड आदि किसी के साथ साझा नहीं करना चाहिए तथा संदिग्ध लिंक, ई-मेल एवं कॉल से सतर्क रहना चाहिए। उन्होंने अभिभावकों से भी अपील की कि वे बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रखें और उन्हें सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के बारे में उचित मार्गदर्शन दें।
जिला सूचना एवं विज्ञान पदाधिकारी उमेश कुमार ने अपने संबोधन में सोशल मीडिया के सुरक्षित एवं जिम्मेदार उपयोग पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर किसी भी जानकारी को साझा करने से पूर्व उसकी सत्यता की जांच करना आवश्यक है, ताकि फर्जी खबरों एवं भ्रामक सूचनाओं के प्रसार को रोका जा सके। उन्होंने साइबर अपराध की स्थिति में तुरंत संबंधित साइबर हेल्पलाइन एवं पुलिस से संपर्क करने की सलाह दी।
कार्यक्रम के दौरान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के सुरक्षित एवं नैतिक उपयोग पर भी चर्चा की गई। वक्ताओं ने बताया कि एआई तकनीक जहां एक ओर कार्यक्षमता बढ़ाने में सहायक है, वहीं इसके दुरुपयोग से निजता एवं सुरक्षा पर खतरा भी उत्पन्न हो सकता है। इसलिए एआई आधारित टूल्स का उपयोग सोच-समझकर एवं जिम्मेदारी के साथ किया जाना चाहिए।
इस अवसर पर डिजिटल गोपनीयता, डेटा संरक्षण, ऑनलाइन शिष्टाचार एवं साइबर सुरक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण बिंदुओं पर प्रस्तुति दी गई। प्रतिभागियों को यह भी जानकारी दी गई कि किसी भी प्रकार की साइबर ठगी या ऑनलाइन अपराध की स्थिति में राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क किया जा सकता है।
कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के पदाधिकारी, कर्मचारी, छात्र-छात्राएं एवं अन्य प्रतिभागी उपस्थित थे। सभी ने सुरक्षित इंटरनेट उपयोग, डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा देने तथा समाज में जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया।