पाकुड़: जिले में 15वें वित्त आयोग के तहत प्राप्त राशि के उपयोग को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिले के सभी प्रखंडों और पंचायतों को निर्देश दिया गया है कि 31 मार्च तक उपलब्ध राशि का शत-प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित किया जाए। इसको लेकर संबंधित विभागों के अधिकारियों और कर्मियों को स्पष्ट रूप से समय-सीमा में कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
जिला स्तर पर आयोजित समीक्षा बैठक में लंबित योजनाओं की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जिन योजनाओं का कार्य अभी तक अधूरा है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर जल्द से जल्द पूरा किया जाए, ताकि आम जनता को योजनाओं का लाभ समय पर मिल सके। खासकर पेयजल, सड़क, स्वच्छता और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी योजनाओं को तेजी से पूर्ण करने पर जोर दिया गया।
प्रशासन ने यह भी निर्देश दिया है कि सभी कार्यों में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। निर्माण कार्यों में पारदर्शिता बनाए रखने, समय-समय पर निरीक्षण करने और प्रगति की नियमित मॉनिटरिंग करने के लिए संबंधित अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके साथ ही हर स्तर पर रिपोर्टिंग प्रणाली को मजबूत करने की बात कही गई है, ताकि कार्यों की वास्तविक स्थिति पर नजर रखी जा सके।
अधिकारियों ने साफ तौर पर चेतावनी दी है कि यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही, अनियमितता या राशि के दुरुपयोग की शिकायत सामने आती है, तो संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का उद्देश्य है कि सरकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शी तरीके से आम लोगों तक पहुंचे और विकास कार्यों में तेजी लाई जा सके।
जिला प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने का निर्देश देते हुए कहा है कि तय समय-सीमा के भीतर लक्ष्य हासिल करना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।