केशव तिवारी,
पाकुड़: कुसमाडांगा क्षेत्र में बन रहे एक चेक डैम को लेकर स्थानीय लोगों के बीच सवाल खड़े होने लगे हैं। निर्माण कार्य जारी है, लेकिन स्थल पर सूचना बोर्ड नहीं लगाए जाने से योजना की लागत, एजेंसी और तकनीकी विवरण को लेकर पारदर्शिता पर प्रश्नचिह्न लग रहा है।
बताया जा रहा है कि जिला प्रशासन द्वारा सभी विकास योजनाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, बावजूद इसके निर्माण स्थल पर परियोजना संबंधी जानकारी प्रदर्शित नहीं की गई है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि सूचना बोर्ड नहीं होने से आमजन को यह पता नहीं चल पा रहा कि योजना की स्वीकृत राशि कितनी है और कार्य किस एजेंसी द्वारा कराया जा रहा है।
निर्माण सामग्री की गुणवत्ता को लेकर भी लोगों ने चिंता जताई है। आरोप है कि कार्य में मानक के अनुरूप बालू और सीमेंट के बजाय निम्न गुणवत्ता की सामग्री का उपयोग किया जा रहा है, जिससे भविष्य में संरचना की मजबूती पर असर पड़ सकता है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि गुणवत्ता से समझौता हुआ तो पहली ही बारिश में डैम को नुकसान होने की आशंका है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से निर्माण कार्य की जांच कराने तथा सूचना बोर्ड लगाकर योजना का पूरा विवरण सार्वजनिक करने की मांग की है। उनका कहना है कि सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करना जरूरी है, ताकि जनता के पैसे का सही उपयोग हो सके।
इस संबंध में पाकुड़ जिला प्रशासन से जांच और आवश्यक कार्रवाई की उम्मीद जताई जा रही है।