कोटालपोखर।
उत्क्रमित मध्य विद्यालय सिरासीन में सोमवार को विद्यालय के प्रधानाध्यापक राजेश्वर रजक के सम्मान में एक भव्य एवं भावभीना विदाई सह सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम विद्यालय परिसर में दिनांक 09 फरवरी 2026 को अपराह्न 02:30 बजे आयोजित हुआ।
समारोह की शुरुआत विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत स्वागत गीत से की गई, जिससे पूरा वातावरण भावुक एवं प्रेरणादायी बन गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी रॉबिन चन्द्र मंडल उपस्थित रहे। वहीं विशिष्ट अतिथियों में बीआरपी इंतखाब आलम, प्रखंड अध्यक्ष विवेकानंद भारद्वाज, सीआरपी मोहम्मद अशफाक, प्रखंड कार्यालय के अकाउंटेंट कुंदन कुमार, एमडीएम ऑपरेटर जयशंकर महतो, आरटीई प्रतिनिधि शीतलाल, बरहरवा प्रखंड शिक्षक संघ के अध्यक्ष शैलेश राणा, जिला शिक्षक संघ सदस्य अवधेश पांडे, शिक्षक संघ के सक्रिय सदस्य शैलेश कुमार, अन्य गणमान्य शिक्षक, मुखिया प्रतिनिधि हरिभक्त घोष, विद्यालय प्रबंधन समिति के सभी सदस्य, अभिभावक तथा विद्यालय परिवार उपस्थित रहे।
इस विदाई समारोह के सफल आयोजन में विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष मोजिबुर रहमान का महत्वपूर्ण योगदान रहा। संकुल के सीआरपी मो. अशफाक द्वारा मुख्य अतिथि को पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया गया। सभी वक्ताओं ने प्रधानाध्यापक राजेश्वर रजक के शैक्षणिक योगदान, अनुशासनप्रियता एवं विद्यार्थियों के प्रति उनके समर्पण की सराहना की।
अपने विदाई संबोधन में प्रधानाध्यापक राजेश्वर रजक ने अपने कार्यकाल से जुड़ी स्मृतियों को साझा करते हुए भावुक स्वर में कहा कि यह विद्यालय, इसके शिक्षक एवं छात्र उनके जीवन का अभिन्न हिस्सा रहेंगे। उन्होंने सभी सहयोगियों, विद्यार्थियों एवं अभिभावकों के सहयोग के लिए आभार प्रकट किया।
प्रधानाध्यापक राजेश्वर रजक का गौरवशाली सेवाकाल
- 11 जनवरी 1988: प्राथमिक विद्यालय समासपुर में प्रथम नियुक्ति, बिहार सरकार के अधीन
- 02 जुलाई 1994: प्राथमिक विद्यालय बिरनातपुर, बरहरवा में सेवाएं
- 23 दिसंबर 2017: उत्क्रमित मध्य विद्यालय सिरासीन में प्रभारी प्रधानाध्यापक के रूप में पदभार ग्रहण
एक जुझारू, कर्मठ एवं समर्पित शिक्षक के रूप में उनका व्यक्तित्व सभी के लिए प्रेरणास्रोत रहा है।
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय परिवार की ओर से प्रधानाध्यापक को शॉल, स्मृति-चिह्न एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया गया। पूरे समारोह में सम्मान, कृतज्ञता और भावनात्मक जुड़ाव स्पष्ट रूप से देखने को मिला।