जनप्रतिनिधियों की कोशिशों के बावजूद नहीं लग पा रही लगाम
kumar prasant,
बेरमो (बोकारो)।
बोकारो जिला अंतर्गत बेरमो एवं गोमिया क्षेत्र में अवैध कोयला का कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा है। जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासनिक दावों के बावजूद काला हीरा कहे जाने वाले कोयले का अवैध खनन और तस्करी खुलेआम जारी है।
सूत्रों के अनुसार बोकारो जिले में सक्रिय औरंगाबाद एवं हजारीबाग जिले के कोयला माफियाओं के संरक्षण में बेरमो–गोमिया के सुदूरवर्ती इलाकों में यह अवैध धंधा फल-फूल रहा है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक इन दिनों गोमिया प्रखंड अंतर्गत जागेश्वर बिहार क्षेत्र के तिलैया गांव से बड़े पैमाने पर अवैध रूप से कोयले का खनन किया जा रहा है। खनन किए गए कोयले को बड़ी-बड़ी गाड़ियों में लादकर रात के अंधेरे में बिहार की विभिन्न मंडियों तक पहुंचाया जा रहा है, जहां से तस्कर मोटा मुनाफा कमा रहे हैं।
बताया जाता है कि बीते कुछ दिनों पूर्व तिलैया के डाका साडम गांव में स्थानीय ग्रामीणों ने रात के समय कोयले से लदी गाड़ियों को रोक लिया था। इस दौरान कोयला छुड़ाने के लिए तस्करों द्वारा स्थानीय लोगों को भारी नजराना देने की पेशकश की गई, जिसके बाद कोयला लदा ट्रक छोड़ा गया।
दबी जुबान में स्थानीय निवासियों का कहना है कि कोयला तस्कर पहले मजदूरों से कोयला खरीदते हैं। इसके बाद ट्रैक्टर की मदद से कोयले को एक निश्चित स्थान पर इकट्ठा किया जाता है, जहां से उसे बड़ी गाड़ियों में लादकर रात के समय बाहर भेज दिया जाता है।
सरकार के सख्त दावों के बावजूद क्षेत्र में अवैध कोयला कारोबार पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। तस्कर शासन-प्रशासन की आंखों में धूल झोंककर बेखौफ अपना धंधा चला रहे हैं। वहीं क्षेत्र के जनप्रतिनिधि लगातार गश्त और निगरानी का दावा कर रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद अवैध कोयला का कारोबार रुकता नजर नहीं आ रहा है।