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राज्य के 14 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, मौसम विभाग ने तीन दिन के लिए जारी किया येलो अलर्ट

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राज्य के 14 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, मौसम विभाग ने तीन दिन के लिए जारी किया येलो अलर्ट

13 से 15 जुलाई तक सावधानी जरूरी, नदियों का जलस्तर बढ़ने और जलजमाव की आशंका

रांची।
झारखंड में एक बार फिर मौसम ने करवट ली है। राज्य के कई जिलों में आगामी तीन दिनों तक भारी बारिश की संभावना जताई गई है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 13 जुलाई से 15 जुलाई 2025 तक राज्य के विभिन्न क्षेत्रों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है और लोगों से सतर्क एवं सावधान रहने की अपील की है।

मौसम विभाग की चेतावनी के अनुसार, यह भारी वर्षा का दौर तीन दिनों तक अलग-अलग जिलों को प्रभावित करेगा। विभाग ने संभावित बिजली गिरने, तेज हवाओं और जलजमाव की स्थिति को लेकर अलर्ट जारी किया है। प्रशासन को भी विशेष सतर्कता बरतने और आपातकालीन सेवाओं को सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए हैं।

13 जुलाई 2025 को ये जिले रहेंगे प्रभावित

13 जुलाई को राजधानी राँची से सटे जिलों खूंटी, गुमला, सिमडेगा, सरायकेला-खरसावां, पूर्वी सिंहभूम और पश्चिमी सिंहभूम जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इन क्षेत्रों में दिनभर रुक-रुक कर तेज बारिश की संभावना है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है।

14 जुलाई को बारिश का दायरा और बढ़ेगा

14 जुलाई को गिरिडीह, बोकारो, धनबाद, देवघर, दुमका, जामताड़ा, सरायकेला-खरसावां, पूर्वी सिंहभूम और पश्चिमी सिंहभूम जिलों में भारी वर्षा हो सकती है। मौसम विभाग ने इस दिन को लेकर विशेष रूप से लोगों को बाहर अनावश्यक यात्रा से बचने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।

15 जुलाई को संथाल परगना में होगी भारी बारिश

15 जुलाई को वर्षा का केंद्र संथाल परगना क्षेत्र की ओर शिफ्ट होगा। इस दिन देवघर, जामताड़ा, दुमका, पाकुड़, गोड्डा और साहेबगंज जिलों में भारी वर्षा की संभावना है। इन जिलों में प्रशासन को नदियों के जलस्तर की निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।


🌧️ क्या होता है येलो अलर्ट?

मौसम विभाग द्वारा येलो अलर्ट का मतलब है कि मौसम की स्थिति सामान्य से अलग हो सकती है और नागरिकों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। इस दौरान तेज बारिश, बिजली गिरने, तेज हवा चलने, सड़क दुर्घटनाओं, और निचले इलाकों में जलजमाव की आशंका बनी रहती है।


प्रशासन और आपदा प्रबंधन की तैयारी

राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA) और जिला प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि वे त्वरित प्रतिक्रिया दलों (QRT) को सतर्क रखें। साथ ही सभी जिलों के कंट्रोल रूम को 24 घंटे सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने और नदियों के जलस्तर पर लगातार नजर बनाए रखने को कहा गया है।

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