उपायुक्त ने दवा सेवन कर दिलाई फाइलेरिया मुक्त जिले की शपथ
पाकुड़। शुक्रवार को “प्रोजेक्ट जागृति — बेहतर स्वास्थ्य की ओर एक कदम” के अंतर्गत “प्रोजेक्ट प्राण” के तत्वावधान में जिले के सभी पंचायतों में फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम सह पंचायत दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के सफल क्रियान्वयन के क्रम में उपायुक्त श्री मनीष कुमार ने महेशपुर प्रखंड अंतर्गत बाबूदाहा पंचायत का निरीक्षण किया।
उपायुक्त श्री मनीष कुमार ने स्वयं फाइलेरिया रोधी दवा का सेवन कर लोगों को इसके प्रति जागरूक किया तथा उपस्थित नागरिकों को फाइलेरिया मुक्त जिले की शपथ दिलाई। इस दौरान प्रेरणादायक वीडियो प्रदर्शित कर फाइलेरिया के कारण, लक्षण, बचाव एवं दवा सेवन के महत्व की विस्तार से जानकारी दी गई।
उपायुक्त ने कहा कि फाइलेरिया उन्मूलन अभियान की सफलता के लिए जनभागीदारी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने लोगों से अपील की कि स्वयं दवा का सेवन करें तथा अपने परिवार के सभी पात्र सदस्यों को भी दवा अवश्य खिलाएं। यह अभियान विश्वास एवं सामूहिक प्रयास पर आधारित है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्षों में दवा सेवन से सकारात्मक परिणाम मिले हैं और यदि इस वर्ष भी सभी लोग नियमित रूप से दवा का सेवन करेंगे तो इस बीमारी से स्थायी मुक्ति संभव है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि दवा सेवन स्वैच्छिक है, परंतु यह प्रत्येक व्यक्ति, परिवार और समाज के स्वास्थ्य के लिए अत्यंत आवश्यक है। जिस प्रकार टीकाकरण से अनेक बीमारियों पर नियंत्रण पाया गया है, उसी प्रकार सामूहिक दवा सेवन से फाइलेरिया जैसी बीमारी को भी समाप्त किया जा सकता है। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों एवं आमजन से इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।
सिविल सर्जन डॉ. सुरेन्द्र कुमार मिश्रा ने बताया कि जिले के प्रत्येक पंचायत में अभियान चलाकर लोगों को दवा खिलाई जा रही है। उन्होंने कहा कि एक वर्ष से कम आयु के बच्चों, गर्भवती महिलाओं एवं गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों को छोड़कर यह दवा सभी के लिए लाभकारी है।
जिला भीवीडी पदाधिकारी डॉ. अमित कुमार ने कहा कि फाइलेरिया रोधी दवा पूरी तरह सुरक्षित है। दवा सेवन के बाद हल्की असुविधा होना इस बात का संकेत है कि दवा शरीर में मौजूद कीटाणुओं पर प्रभाव डाल रही है।
जिला आपूर्ति पदाधिकारी अभिषेक कुमार सिंह ने बताया कि पीडीएस के माध्यम से व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। साथ ही राशन वितरण व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए 2G मशीनों के स्थान पर 4G ई-पॉस मशीनें उपलब्ध कराई गई हैं, जिससे वितरण प्रणाली अधिक तेज एवं पारदर्शी हो गई है।
प्रखंड विकास पदाधिकारी डॉ. सिद्धार्थ शंकर यादव ने कहा कि पंचायत स्तर पर व्यापक जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों, स्वयं सहायता समूहों, आंगनबाड़ी सेविकाओं एवं सहिया कार्यकर्ताओं से घर-घर जाकर लोगों को दवा सेवन के लिए प्रेरित करने की अपील की।
कार्यक्रम में मुखिया, स्वास्थ्य कर्मी, सहिया, आंगनबाड़ी सेविकाएं एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।