राशन, पेंशन, आवास, स्वास्थ्य और मनरेगा से जुड़े मामले सामने आए
गढ़वा:- उपायुक्त दिनेश यादव ने मंगलवार को समाहरणालय सभागार में जनसुनवाई का आयोजन कर जिले के विभिन्न प्रखंडों से आए आम नागरिकों की समस्याएं गंभीरतापूर्वक सुनीं। उन्होंने एक-एक कर सभी फरियादियों की बात सुनते हुए उनके त्वरित निष्पादन के लिए संबंधित विभागों के पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए। जनसुनवाई में राशन, पेंशन, भूमि विवाद, अवैध कब्जा, आवास, मुआवजा, सरकारी योजनाओं का लाभ, अतिक्रमण, रोजगार सृजन तथा बकाया मजदूरी भुगतान से जुड़े कई मामले सामने आए।
जनसुनवाई के दौरान भवनाथपुर प्रखंड की मुन्नी देवी ने शिव शरण सेवा संस्थान अस्पताल, भवनाथपुर के संचालक सह चिकित्सक धर्मेंद्र मेहता पर इलाज में गंभीर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि संबंधित अस्पताल क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट के निर्धारित मानकों को पूरा नहीं करता है। इलाज के दौरान लापरवाही एवं चिकित्सक की कथित अज्ञानता के कारण ग्राम मकरी निवासी ईंदू देवी की मृत्यु हो गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मरीज की वास्तविक स्थिति से परिजनों को समय पर अवगत नहीं कराया गया तथा इलाज के नाम पर लगातार पैसे की उगाही की जाती रही। मरीज की मृत्यु के बाद चिकित्सक के फरार हो जाने की बात भी सामने आई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए उपायुक्त ने अनुमंडल पदाधिकारी नगर उंटारी को पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर विस्तृत प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। इसके साथ ही जिला बाल संरक्षण इकाई को मृतका के बच्चों को सभी सरकारी एवं कल्याणकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित कराने का आदेश दिया गया।
डंडई प्रखंड के ललन मेहता ने अबुआ आवास योजना की दूसरी किस्त नहीं मिलने की शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि वर्ष 2023-24 में आवास की स्वीकृति मिली थी तथा पहली किस्त से प्लिंथ लेवल तक निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया, लेकिन दूसरी किस्त के अभाव में निर्माण अधूरा है। सगमा प्रखंड की घघरी निवासी आदरमनी देवी ने वृद्धावस्था पेंशन चालू कराने का अनुरोध किया। वहीं मेराल प्रखंड के बना गांव निवासी रामनाथ प्रजापति ने मनरेगा योजना अंतर्गत कूप निर्माण में सामग्री भुगतान नहीं मिलने की शिकायत की।
उपायुक्त ने सभी मामलों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित पदाधिकारियों को यथाशीघ्र कार्रवाई कर शिकायतों का समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।