बोरियो।सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में रविवार को राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान के आह्वान पर सप्तशक्ति संगम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरूआत कार्यक्रम की अध्यक्ष नीतू देवी, साहिबगंज विभाग के विभाग संयोजिका सह सरस्वती शिशु विद्या मंदिर बोरियो की प्रधानाचार्या हेमा कुमारी, सरस्वती शिशु विद्या मंदिर साहिबगंज की आचार्या सारिका कुमारी, सरस्वती शिशु विद्या मंदिर राजमहल की आचार्या श्वेता रानी ने संयुक्त रूप से भारत माता, माँ सरस्वती एवं ॐ के चित्र पर पुष्प अर्चन एवं दीप प्रज्जवलित कर किया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रधानाचार्य हेमा कुमारी द्वारा प्रस्तावना एवं नारियों की सात शक्तियों पर विस्तृत जानकारी दी गयी। राजमहल शिशु विद्या मंदिर की आयार्या श्वेता रानी ने कुटुंब प्रंबोधन एवं पर्यावरण संरक्षण पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि संयुक्त र्पारवार हमारी कुटुंब व्यवस्था की नींव है। मातांए अपने बच्चों को अच्छे संस्कार एवं पारंपरिक विधाओं और रिवाजों की जानकारी दें और घर पर आध्यात्मिक कार्यक्रमों एवं शादी विवाह, पूजा पाठ जन्मदिन में मिलजुल कर भारतीय परंपरा के अनुसार मनाएं। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रही नीतू देवी ने कहा कि महिलाओं को जागरूक रहने की आवश्यकता है। नारी शक्ति हीं समाज की वास्तविक आधार शिला है। उन्होंने कहा आधुनिक युग में नारी को अपनी क्षमताओं को पहचान कर आगे बढ़ना चाहिए। आचार्या सारिका ने भारत के विकास में महिलाओं की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा भारतीय नारी परिवार की आधारशिला, समाज की प्रेरणा और राष्ट्र की आत्मा होती है, जिसकी शक्ति की अभिव्यक्ति अद्वितीय और उच्च होती है। हमारी शिक्षा तभी सार्थक होगी जब हम बच्चों को संस्कारयुक्त शिक्षा दें। कार्यक्रम को सफल बनाने में विभाग निरीक्षक रमेश कुमार, अध्यक्ष पूर्व शिक्षक हेमंत कुमार साह सहित विद्यालय के शिक्षक एवं शिक्षिकाओं ने योगदान दिया।